चंडीगढ़ में महंगी हुई शराब
Liquor becomes Expensive in Chandigarh
चंडीगढ़ की नई आबकारी नीति 2026–27 मंजूर : शराब की कीमतों में 2 फीसदी तक बढ़ोतरी का प्रस्ताव
97 रिटेल ठेकों के लिए 454.35 करोड़ रुपये का रिजर्व प्राइस तय
चंडीगढ़, 6 मार्च (साजन शर्मा)। Liquor becomes Expensive in Chandigarh: चंडीगढ़ प्रशासन ने वर्ष 2026–27 के लिए नई आबकारी नीति को मंजूरी दे दी है। नई नीति में शराब की कीमतों में अधिकतम 2 प्रतिशत तक बढ़ोतरी का प्रस्ताव रखा गया है। हालांकि यह बढ़ोतरी कंट्री लिकर, इंडियन मेड फॉरेन लिकर (आईएमएफएल), भारतीय बीयर और भारतीय वाइन पर लागू होगी, जबकि आयातित वाइन, आयातित बीयर और विदेशी शराब को इससे बाहर रखा गया है। प्रशासन का कहना है कि नई नीति से राजस्व में स्थिरता, कारोबार में आसानी और निगरानी व्यवस्था को मजबूत करने में मदद मिलेगी।
नई नीति के तहत शहर में कुल 97 रिटेल शराब ठेके संचालित किए जाएंगे। इन लाइसेंसिंग यूनिट्स के लिए प्रशासन ने 454.35 करोड़ रुपये का रिजर्व प्राइस तय किया है। इससे सरकार को स्थिर राजस्व मिलने की उम्मीद जताई गई है।
पहली तिमाही के बाद ही कीमतों में बदलाव संभव
नीति के अनुसार किसी भी ब्रांड के एक्स-डिस्टिलरी प्राइस (ईडीपी) या एक्स-ब्रुअरी प्राइस (ईबीपी) में बदलाव का प्रस्ताव नीति वर्ष की पहली तिमाही पूरी होने के बाद ही विचार के लिए लिया जाएगा।
वेयरहाउस नियमों में ढील, कारोबार को मिलेगा बढ़ावा
व्यापार को आसान बनाने के उद्देश्य से कस्टम अप्रूव्ड बॉन्डेड वेयरहाउस से जुड़े नियमों में ढील दी गई है। अब एल-1एफ और एल-1डीएफ लाइसेंस के लिए वेयरहाउस का चंडीगढ़ में होना जरूरी नहीं होगा और इसे देश में कहीं भी स्थापित किया जा सकेगा। साथ ही एक वर्ष के पूर्व अनुभव की अनिवार्यता भी समाप्त कर दी गई है।
हालांकि सभी कस्टम अप्रूव्ड बॉन्डेड वेयरहाउस को आबकारी पोर्टल पर पंजीकरण कराना होगा और हर महीने आयात-निर्यात का विवरण अगले महीने की 7 तारीख तक पोर्टल पर अपलोड करना अनिवार्य होगा।
डिपार्टमेंटल स्टोर्स से भी बिकेगी शराब
नई आबकारी नीति में एल-10बी लाइसेंस को दोबारा शुरू किया गया है। इसके तहत अब संगठित डिपार्टमेंटल स्टोर्स के माध्यम से भी शराब की बिक्री की जा सकेगी, जिससे विशेषकर महिलाओं और वरिष्ठ नागरिकों को सुविधा मिलने की उम्मीद है।
सिक्योरिटी राशि 17 प्रतिशत तक बढ़ाई
प्रशासन ने रिटेल ठेका धारकों के लिए सिक्योरिटी राशि को बोली राशि के 17 प्रतिशत तक बढ़ा दिया है। इसके साथ ही अब लाइसेंस फीस अगले महीने की 15 तारीख तक एकमुश्त जमा करनी होगी। समय पर फीस जमा न होने पर संबंधित एल-2 या एल-14ए लाइसेंस सहित अन्य लाइसेंस रद्द किए जा सकते हैं।
बार लाइसेंस के लिए नई खरीद व्यवस्था
नई व्यवस्था के अनुसार बार लाइसेंस धारकों को शराब की खरीद सबसे नजदीकी दो रिटेल ठेकों से करनी होगी। यदि दोनों ठेके एक ही मालिक के हों तो तीसरे नजदीकी ठेके से खरीद की अनुमति दी जाएगी।
निगरानी व्यवस्था होगी मजबूत
नीति के तहत रिटेल ठेकों के अतिरिक्त गोदामों में सीसीटीवी कैमरे लगाना अनिवार्य किया गया है और विभाग को इनका लाइव फीड उपलब्ध कराया जाएगा। शराब के विज्ञापनों से संबंधित नियमों को भी सख्त किया गया है और उल्लंघन पर जुर्माने का प्रावधान रखा गया है।
बॉटलिंग प्लांट्स के कार्य दिवस बढ़े
बॉटलिंग प्लांट्स के संचालन को बढ़ावा देते हुए उनके कार्य दिवस पांच से बढ़ाकर छह (सोमवार से शनिवार) कर दिए गए हैं। जरूरत पड़ने पर राजपत्रित अवकाश के दिन ओवरटाइम संचालन की भी अनुमति दी जाएगी।
काउ सेस पहले की तरह जारी रहेगा
नई आबकारी नीति में काउ सेस पहले की तरह जारी रहेगा। इसके तहत
750 मिली कंट्री लिकर की बोतल पर 50 पैसे, 650 मिली बीयर पर 50 पैसे
750/700 मिली व्हिस्की पर 1 रुपये
का सेस लगाया जाएगा। इसके अलावा शराब के परिवहन में इस्तेमाल होने वाले सभी वाहनों में जीपीएस ट्रैकिंग सिस्टम अनिवार्य किया गया है। प्रशासन का कहना है कि नई आबकारी नीति से पारदर्शिता बढ़ेगी, कारोबार को सुविधा मिलेगी और सरकारी राजस्व को स्थिरता मिलेगी, साथ ही उपभोक्ताओं को बेहतर सेवाएं भी मिलेंगी।